मेरी साँस के लिये आस ना रखे कोई

मेरी सांसों से चले ऐसी साँस न रखे कोई ।
मैं खुद प्यासा हूँ , मेरी प्यास न रखे कोई ।
दाँव पे रख दी हैं जिंदगी भर की मोहब्बत ,
पल भर मोहब्बत की भी आस न रखे कोई ।
माना के बुरा हूँ पर ये फरियाद न करे कोई ।
बस इतनी सजा दो के मुझे याद न करे कोई ।
इश्क की आग मे जल के खाख हो चुका हूँ मैं ,
मुझे अब इससे भी ज्यादा बरबाद न करे कोई ।

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very interesting and nice work brother :slightly_smiling_face: