बरसो की बात ही अलग थी

“बरसों की बात ही अलग थीं”
पहले क़तार में खडे हों के इंतज़ार फोन को इस्तेमाल करने के लिए करते थे॥
अब तो फोन इस्तेमाल करते हुए क़तार में इंतज़ार करते हैं॥॥
पहले ख़त मे लिख अपने दास्तान डाक घर से अपने घर भेजते थे॥
अब तो मॉडर्न की दुनिया में ख़त छोड़ एक-एक जज़्बात ख़ुद मे छिपाए जाते हैं॥॥
पहले अपने-अपने होते थे,त्योहार मनाते सबके साथ और हँसी-मज़ाक़ उड़ाते थे ॥
अब ग़ैरों को अपना समझ अपनो-को ग़लत बताते हैं,घर वाले समझते नहीं ये अपने दिमाग़ में हम लाते हैं॥॥
पहले इश्क़ करने की दुआ देते थे, और मंज़ूर उनके खुदा करते थे॥
अब तो दाग़ नाम इश्क़ को देते, और दूर होने के बाद बदुआ देते॥॥
“”॥फ़िलहाल बरसों की ही बात को याद करते हैं, वो ख़ुशी से जीते थे जो हमसे पहले इस दुनिया में आए थे॥””“बरसों की बात ही अलग थीं”
पहले क़तार में खडे हों के इंतज़ार फोन को इस्तेमाल करने के लिए करते थे॥
अब तो फोन इस्तेमाल करते हुए क़तार में इंतज़ार करते हैं॥॥
पहले ख़त मे लिख अपने दास्तान डाक घर से अपने घर भेजते थे॥
अब तो modern की दुनिया में ख़त छोड़ एक-एक जज़्बात ख़ुद मे छिपाए जाते हैं॥॥
पहले अपने-अपने होते थे,त्योहार मनाते सबके साथ और हँसी-मज़ाक़ उड़ाते थे ॥
अब ग़ैरों को अपना समझ अपनो-को ग़लत बताते हैं,घर वाले समझते नहीं ये अपने दिमाग़ में हम लाते हैं॥॥
पहले इश्क़ करने की दुआ देते थे, और मंज़ूर उनके खुदा करते थे॥
अब तो दाग़ नाम इश्क़ को देते, और दूर होने के बाद बदुआ देते॥॥
“”॥फ़िलहाल बरसों की ही बात को याद करते हैं, वो ख़ुशी से जीते थे जो हमसे पहले इस दुनिया में आए थे॥””
© Crooked_dimple
Aditi

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First a warm welcome @Crookeddimple to Yoalfaaz family
Second is what you write is awesome.
Kya khoob utaara hai ye barso ka hisaab in sabdo me, bahut khoob tumhari kosis thi.
Time badalta hai, yahi iski Sabse acchi or buri cheez hai. Badalte time me sab Badal diya hai or Wahi tumne bahut acche se sabdo me utaara hai.
Welcome once again to Yoalfaaz and keep writing

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Sukriya apka :heart_eyes::heart:

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wow, I am amazed… :clap: