मैं नारी हूँ!

प्रचंड हूँ, काली हूँ, मैं हीं महिषासुर घतिनि हूँ,
मैं दूध दायिनी भी,
औऱ रक्तपात काली भी,
माँ की ममता भी हैं,
दुर्गा का एक रूप चन्द्रघंटा भी मै,
तुझे जीवन देने वाली भी मैं,
प्राण लेने वाली अर्ध्यनारेस्वर भी मैं,
अमृत मंथन में अमृत भी मैं,
विष धारिणी श्रिष्ठी रचियता शिव भी मैं,
तेरे कर्म तु जान,
तेरे कर्मो की दण्ड दायिनी भी मैं,
तूफ़ान का चक्रवात भी मैं,
औऱ तेरे घर की नीव भी मैं,
तेरे सपनो कों साजती वो लक्ष्मी भी मैं,
तेरे पापों का नाश करने वाली भी मैं,
तेरे घमंड की वजह भी मैं,
तेरे अहंकार का अन्त भी मैं,
तेरे शक्ति का श्रोत भी मैं,
तेरे सफलता का कारण भी मैं,
तु मनु हैं तुझे हर कष्ट से तारने वाली नारी मैं,
हाँ मैं हीं हूँ वो,
हाँ मैं हीं हूँ वो,
मैं नारी हूँ॥

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behad khoobsurat…:heart_eyes::+1:

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Shukriya :pray:

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now that’s awesome @ElleG
really appreciable

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Thank you

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