ये मोहोबाते!

तुझ पर ये रूह कुर्बान थी,
पर तेरी मोहोब्बत तो ,
मेरे जिस्म की मोहोताज थी।
आज भी जब सोचती हु वो सारी बाते,
तो ये दिल कहेता है की तू ही नादान थी।
तुझमे कुछ यू उलझी थी,
की आज भी उन धागों में उलझ गिर जाती हु,
पर अब वो मोहोब्बत नही रही हमारे दरमियां इसलिए खुद ही संभाल जाती हु।
तेरा वो सोशल मीडिया वाला प्यार मुझे कभी समझ ही नही आया,
तू ऑनलाइन तो मुझे मिस करता रहा ओर ऑफलाइन टाइम ही नही दे पाया।
तुझे किताबो सा रटा था मैन तू मुझे कहानियों सा याद है,
तेरे किसी किस्से में नही हु में पर तू मेरे हर हिस्से में अबाद है।
©AahiGupta

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this is really nice and great to read

Ek line tumhari change karke dikhana chahta hu

isme mai likhna chahunga
Tujhe kitaabo sa rata tha maine, mai tujhe kahaniyo sa yaad hai