अल्फ़ाज़

कहना तो बहुत कुछ चाहता हूं
पर अल्फाज नहीं है
धड़कने गाती तो है
पर उनमें साज़ नहीं है
कागजों पर तो बहुत कुछ कहा है
पर इन कागजों की भी आवाज नहीं है

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Great post my friend @Ankahe_Jazbaat and welcome you on YoAlfaaz
keep writing

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aksar kaagzo mai awaaz nhi jazbaat band hote hai…
kabhi kalam se pucho, alfaaz dil na cheer de to kehna… :wink:

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Thank you…

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