बचपन की यादे

पुराने किस्से याद आ गए दो चार …
वो बचपन का गिल्ली डंडा भागम भाग पकड़म पकड़ा
सबको पकड़ो लड़की हो या लड़का कोई नहीं सब खुल्ल्म खुल्ला
आज पकड़ो तो मोहल्ले में हल्ला
और दोस्ती जान से प्यारी माँ बाप सभी पे भारी
वो स्कूल लेट जाना मास्टर जी से प्रसाद पाना
वो स्कूल का पहला प्यार जिसके लिए दोस्तों से मार
वो बारिश का पहला पानी गीले कपडे और बुखार…coming soon

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bhut sundar bhai

Loved it :kissing_heart::kissing_heart::kissing_heart::heart_eyes::heart_eyes: