जनम और मृत्यु

जनम और मृत्यु का कोई स्थान नक्की नहीं होता, सब विधाता कि रचना है। कुॺण जन्मे थे जैल में फिर भी देव हुए, रावन जन्मे थे महल में फिर भी राक्षस हुए ।

4 Likes