" सफलता_की_महत्वकांक्षा ।"

ख़ूबसूरत चीज़ों को बनने में वक़्त लगता है ,
अगर ग़ौर से देखो क़ामयाबी को ,
तो बीज से उगता हुआ दरख़्त लगता है ।

                       - शाहीर रफ़ी 

कामयाब या सफ़ल होना मुक़द्दर के हाथ में है या तेरे हाथ में ,अभी इन बातों से अपना रुख़ बदल दे ।और बस अपने काम को अपनी क़िस्मत पर ग़ालिब बना के देख़ ,फिर तू ही साहिब-ए-तक़दीर होगा ।यह परेशानियों जैसा मिस्ल-ए-अब्र जो छाया है तेरी ज़िन्दगानी में ,एक दिन छट जाएगा । और एक आफ़ताब-ए-मुनव्वर की भांति तू ,जहाँ को रोशन करेगा, लेकिन तब तक अपने इदराक क़ो पुरनूर तो बना । ऐसा तालिब बन,मानो कोई क़ुदरत के नज़ारों का क़ासिद ,मक़ाम-ए-इश्क़ को तलाश कर रहा हो । फिर देखना क्या कैफ़ियत होती है ज़िनदगी की ।इन्ही ख़यालात को दर्शाती हुई ,मेरी यह तीन पंक्तिया ।

Word meanings :
ग़ालिब - dominant.
साहिब-ए-तक़दीर - क़िस्मत का धनि/मुक़द्दर का सिकंदर /fateful.
मिस्ल-ए-अब्र - resembling dark cloud.
छट-clear , उदहारण : ग़म के अंधेरे छट जाएंगे ।
आफ़ताब-ए-मुनव्वर - उज्व्वल सूर्य ,like a rising sun.
इदराक - perception/understanding.
पुरनूर - enlightened.
तालिब - ख़ास तलब रखने वाला ,खोज करनेवाला व्यक्ति,researcher.
क़ासिद - messenger.
दरख़्त - पेड़ ,plant

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you write really very well, I am enjoying reading your posts. :slight_smile:

Ek tumhari likhai
Ek tumhara Andaaz
Ek hai tumhari Kalam
Hame bahut pasand hai

Ek tumhari mehnat
Ek tumhari niyat
Ek hai tumhari siyaahi
Hame bahut pasand hai

Bahut khoob dost

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are wah veere… :wink:

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