ये इश्क़

सुनो,
ये जो इश्क़ है न
मेरे अंदर, तुम्हारे लिए;
ये मेरी जिंदगी-सा है,
कितना भी समेट लूं
बिखर ही जाता है।।

5 Likes

:heart::heart: amazing

1 Like

Wow. :heart:

1 Like