जुबां पर

जुबाँ पे पहरे डाले कुछ अल्फ़ाज़ तेरा इंतजार करते रहे,
कल रात मेरे तकिए कि सिलवटें फ़िर से तेरे यादों से भींगे रहें!

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Intense💔

Hmmmm wow :heart_eyes::heart_eyes::heart_eyes::heartpulse::heartpulse: