वक़्त भी अजीब था

वक़्त वो भी शरीफ था,
जब सिर्फ दिल तेरा तेरे करीब था,

सोचती थी तु क्यों वो वक़्त अजीब था?
जानती ना तू यह दिल मेरा है अब तेरा मुरीद सा।

#नादान

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