अधूरी मोहब्ब्त्

माना की मोहब्ब्त् कभी मुक्मल् ना होगी हमारी,
फिर भी…
किसी और के होने से पहले एक दफा मुझे अपने सीने से लगा कर तो देखना…
यह धड़कने कल भी तुम्हारा नाम लेती थी,
आज भी तुम्हारा नाम लेती हैं,
और कल भी तुम्हारे नाम से ही धड़का करेंगी…

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:heart::heart:

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Khoobsurat :heart_eyes::heart_eyes::heart_eyes:

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