चंद रुपए!

कुछ चंद रुपयो ने,
क्या सपनों क़ो काबू में कर लिया?
वो आसमां की बुलंदियों क़ो छूने वाला परिंदा,
कुछ रुपयो की खातिर,
क्या आसमां क़ो सिर्फ देखता रह गया?

5 Likes

Kaafi Kuch kehgaye kuch hi lines me… loved it

2 Likes

Ji bahot bahot shukriya.

:heart_eyes::heart_eyes::heart_eyes:
Khoobsurat🤗

1 Like

Bahut bahut Shukriya😊