जान जाने लगी

जान जाने लगी इस दिल की
दिल से तुम्हें जो निकला कर देखा,
माना नहीं ये पागल, ये जिद्दी,
बहुत इसे बहला फुसलाकर देखा,
तब जाकर मेरी जान पे जान आई,
जब तुम्हें मैंने सीने से लगा कर देखा…

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Dil ka rishta hota hi alag hai

kya khoob darshaya hai
:+1::+1::+1:

bohot hi umda… :ok_hand: