मेरी दोस्त!

तु कहाँ से आयीं,
कुदरत का करिश्मा,
या मेरे अच्छे कर्मों का फल,
क्यूँ तू इतनी अच्छी हैं,
औऱ मेरे लिए क्यू,
इतना सब कुछ करती हैं?
कैसे चुकाउ मैँ तेरा कर्ज़,
बस आजकल यहि बात सोचती हूँ!

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bohot khoob… :clap:

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Thank-you

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