पत्रकारों की देशभक्ति

उठा लो अपनी लाठी तुम|
भूल जाना जमाने की कद काठी तुम||

सवेरा बनकर आसमा तक उड़ान भरना तुम|
सभी सवालो का डट कर मुकाबला करना तुम||

जो हौंसला डगमगाए तेरा|
तारो की उड़ान नही उनकी शान देखना तुम||

दुश्मनी मोल लेनी पड़े तो मोल लेना तुम|
क्योकि सच की स्याही के रखवाले हो तुम||

बेरन्गो के अफ़साने भी झेल लेना तुम|
उनकी झूठी शख्सियत को बहा देना तुम||

आँखों में जोश और दिल में अंगारे लिए बढ़ना तुम|
उन्हें खबर भी न हो उससे पहले उनकी अकड़ झुका देना तुम||

साहसी कदमों से आगे की राह नाप लेना तुम|
उस नेता या उस राजा की सनक की मृत्यु बन जाना तुम||

सौं बार भी फिसलो तो हिम्मत रखना तुम|
देश की बुराइयों को यू ही अच्छा न बनना तुम||

रूबरू हमे कराना दुनिया की सच्चाई से तुम|
मरना भी पड़े तो पापियो को समाप्त करके मरना तुम||

-Ritika Gusaiwal

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It Couldn’t Be Better!

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Yes!!

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