न तख्त न ताज

हमे न तख्त न ताज चाहिए,
हमे समजे खुद से ज्यादा ऐसा हमराह चाहिए,

मेरे लब्जो से पहले मेरे एहसास को समजे,
में भले ना जताऊ पर मेरी हर बात समजे,
ऐसा एक हमराह चाहिए।

#नादान

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Well penned!
Yu kahne bhar se sachi mohabat mil jati to shayad hm aabad hote!

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Nicely written. :relieved:

@Wordsbyritti
सच कहा पर क्या करे अल्फ़ाज़ दिलो के लबों पे आ गए,
था चुप रहना फिर भी कहे बिना होठ पे आ गए।

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