लफ़्ज

लफ़्ज दर्द बन कर पन्नों पे बिखर रहे है,
और,
लोग मुझे गूँगा केह रहे है।

3 Likes

Jinhe kisi ke dard ka pata nhi, wo bhala unke lafzo ko kya hi samjhenge

nice post @Amisha

2 Likes

Shukriya

1 Like