अधूरा संवाद

अधूरा संवाद

एक मौन आंखों में धरा हैं।
एक इंतज़ार जुबान पर रखा है।
हज़ार रंग मन मे घुले है ।
और एक अधूरा संवाद ,
तेरे ओर मेरे
दरमियां;
पसरा है ,
सदियों से,
तो ,आओ!
चख ले शब्दों के जायके
और तोड़ दे बेस्वाद चुप्पी की दीवार।
ज़रा से आखर और एक मौन स्वीकृति,
काफी होगी पूरा करने में,
अधूरा संवाद।

©कविता वर्मा
सिरसा,हरियाणा

5 Likes

I just love the way you write

1 Like

Thank you very much dear