लड़के है पथर दिल इंसान नही

love
#1

मैं शांत रहता हूँ
परेशान रहता हूँ
कहने को कुछ, नहीं बहुत कुछ हैं
लेकिन मैं ज़ुबान पे पाबंदी लगाता हूँ
बचपन से सिखा ख़ुद को पालना
अब बड़े होते जिम्मेदार कहलाता हूँ
मेरी दब गई सारी ख़ुशियाँ उन
ख़ुशीयो को दूसरों ने अंदर पाता हूँ
मैं कोई पथर दिल नहीं
बस कुछ को अपना बन
खोने के डर से भागता हूँ
मैं दुनिया को जानता हूँ
फिर भी माँ की गोद में सो जाता हूँ
मेरी हालत ठीक हैं,ये हँस के बताता हूँ
मैं भी बाप के प्यार को पाने को तड़पता हूँ
साथ मेरे माँ है बापू भी कभी
बहन है घर में छोटा भाई भी
इश्क़ कर जाता हूँ
उसके नादान से आदतों पे फ़िदा होके
वो ही नहीं समझती मुझसे जुदा होके
की गलतीं माँगी मेने भी माफ़ी हैं
जुदा हूँ, मेरे घरवालों को ना तू राज़ी हैं
कुछ और भी है,ज़िंदगी में ग़म भी हैं
ज़िन्दगी की क़सम मेरी ज़िन्दगी वो नहीं हैं
ख़ैर!! लड़के है हम हमारी भी करों
तुम क़दर माना थोड़ा शरारती है
मगर इतने भी नहीं ग़म हैं
मगर ख़ुशी की कमी नहीं…
रोते है कभी कभी मगर हँसी में
कम नहीं…
हम लड़के हैं कोई हैवॉन नहीं
हम भी पिघलते हैं,कोई पथर दिल इंसान नहीं

Aditi
Crooked_dimple

6 Likes
#2

Very emotional… :heavy_heart_exclamation:

2 Likes
#3

Speechless work

2 Likes