भविष्य

भविष्य



मुठ्ठी भर उम्मीद, आशांए
और सपने,
बो दिए आज खुद में ।
संकल्प का अंकुर
दृढता की खाद से ,
पौधा बन जाएगा ,
और भविष्य का वृक्ष
सुनहरे क्षितिज पर
पताका बन लहराएगा।
मुठ्ठी भर सपनों के बीज ।।



©कविता वर्मा

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Sweet!