आ गया है।।

हवा के साथ बहना आ गया है,
अकेले में भी रहना आ गया है;

जख्म भले कितना ही गहरा हो,
हमें अब हर दर्द सहना आ गया है;

बातें दिल की जुबां पर आए न आए,
जो सब सुनना चाहते हैं, अब वो कहना आ गया है;

चीखती-चिल्लाती भीड़ में भी,
हमें खामोश रहना आ गया है;

बदलते हैं जैसे लोग क्षण भर में,
हमें भी कुछ इस तरह बदलना आ गया है;

जैसे ठहरती नहीं ये हवाएँ कहीं भी
ठीक वैसे ही हमें भी बहना आ गया है।।

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very nice @Rupa_dey :ok_hand::ok_hand::ok_hand:

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umda :heart::heart:

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