आसान कहाँ

आसान कहाँ था मिसरे का गज़ल हो जाना,
हर्फ़ दर हर्फ़ टुटना और फिर मुकम्मल हो जाना।।

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क्या बात… बहुत खूब!:heart:

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True

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Wow ! :heart::heart:

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