लोगो की उलझन

ख़म-बा-ख़म हैं लोगो क़ो, जानने की तमन्ना
हाये!मेंरे महबूब से ना पूछ इन तंग गलियों का राज,
आज कल इस मोहल्ले का रुख नही करते वो॥

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True that

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Ya.

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