मायानगरी का सफर

कुछ नही बस खाली हाथ आयी थी इस शहर में,
अपने पिता का साथ और उनकी हिम्मत लेकर आयी थी मैँ साथ में,
ना लोगो की तब सुनी ना अब सुनती हूँ,
बस अपने पिता कें सपने मैं बुनती हूँ,
जिंदगी से ना कोई शिकायत हैं न कलेश,
बस अपने पिता कें दीए हुए उसूलों पर चलती हूँ,
आगे बढ़ने का जज्बा उनकी देन हैं,
मैँ तो बस अपने सपनो की ओर बढ़ती हूँ,
मैं तो बस आपने सपनो की और बढ़ती हूँ॥

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Keep going… Very good post

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Tqsm

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Keep going on. You have the bestest thing with you that’s your father. World is a small thing to deal anyway. Beautiful. :heart:

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Yeah sure :v: thank-you so much.

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Superb

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thankyou ji

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Welcome

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Bohot mast hai. Let’s collab sometime. DM at neel_1207

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yeah sure