स्कूल के वो दिन

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बड़ा उतावला था स्कूल से जाने को…
ज़िन्दगी के अगले पड़ाव पाने को…
पर ना जाने क्यों ये दिल मुझसे कुछ के रहा है…
जिन बातों पे कवि रोया करते थे आज उन्ही बातों पे हसना आता है…
ना जाने क्यों उन पलो की याद बहुत आती है …
ए मेरे दोस्त स्कूल की बहुत याद आती है…।।

बड़ा मजा आता था उन पलो को जीने में…
ज़िन्दगी लगती बहुत आसान है उन पलो में…
सीरियस बात को भी मज़ाक बना दिया करते थे …
लॉन्च समय को मुसिकल क्लास बना दिया करते थे…
कभी सोचा ना था इन पलो की याद भी आएगी कभी …
पर अब उन्ही पलो को याद कर हस्ना ज़िन्दगी बं गई है…।।

ना जाने क्यों उन पलो की याद बहुत आती है…
ए मेरे दोस्त स्कूल की याद बहुत आती है…
ए मेरे दोस्त स्कूल की याद बहुत आती हैं…।।

To be continued in next post…
I thought this post is based on our school memories…
What do you think about it…???:dove::dove::dove:

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Full of emotions. :heart:
Carry on. :heart:

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@unknown_soul :pray::pray: Thanks

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