और कुछ भी नहीं

क्या ऐसा नहीं हो सकता
मैं रूठू , वो मुझे मनाले
प्यार से मुझको,अपने पास बुलाले
कहीं भी जाने ना दे
भूल जाये दुनिया में सभी
और कुछ भी नही।।

क्या ऐसा नहीं हो सकता
वो हाथ थामकर बैठा रहे मेरा
हँसाता रहे, खुद भी हँसता रहे
ग़मों को कोसो दूर करके
दूर न जाये मुझसे कभी
और कुछ भी नहीं।।

क्या ऐसा नहीं हो सकता
वो आदत मुझे बनाले
हर समय ख्याल मेरा हो
अपने बाँहों में बसाले
मेरी बातों में रहे सिर्फ वही
और कुछ भी नही।।

क्या ऐसा नहीं हो सकता
मेरे दिन की शुरुआत हो उसी से
ख़त्म भी वही करे
दुखो का जब समय आये
अपना समझे वो तब भी
और कुछ भी नही।।

साक्षी
Insta: @screative_soul

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Beautiful

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Thankyou so much :bouquet::bouquet::bouquet::bouquet:

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Am speechless

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Thanks alot dear :heart::heart: