दिल की दिलेरी

देखी है तूने दिल की सिर्फ फकीरी, ना देखी ज़ाक़ के इस दिल की दिलेरी,

जब भी तूने की इस दिल की किरकिरी, जाग उठी और इस दिल की दिलेरी,

फर्क था तेरी नजरो का या इल्म तूने देखी नही इस दिल की दिलेरी,

बहते रहे इन अश्को से अंजुम पर नज़रअंदाज किया इस दिल की दिलेरी को,

नुमाया वजूद लब्ज़ों का पर तूने देखा ही नही इस दिल की दिलेरी,

अश्को के झरोखे पे बैठाया तुझको फिरभी न दिखी इस टूटे दिल की दिलेरी,

देखे सिर्फ नैन मटक्के न देखी इस दिल की दिलेरी,

देखी है तूने दिल की सिर्फ फकीरी, ना देखी ज़ाक़ के इस दिल की दिलेरी।
#नादान

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