हिंदी कविता चाँद की मोहब्बत में

चाँद की मोहब्बत में

एक नया तराना लिखूँगा

तुझसे मिलने का कोई

एक नया बहाना लिखूँगा।

छत पर जाकर देखूं तुझे

दर से या दरीचे से

तेरे प्यार में खुद को

मैं दीवाना लिखूँगा।

रोशन करते हो रात को

छिटक कर अपनी चाँदनी

तेरी ओर से उसको

मैं नज़राना लिखूँगा।

गीत संगीत ग़ज़लें नज़्में

कविताऐं तुम पर बन गई

शायरी का छलकता हुआ

तुझको पैमाना लिखूँगा।

तू शीतल, तेरी चाँदनी शीतल

शीतल तेरा नज़ारा हरसू

देखे जो तुझ में दाग

मैं वैरी ज़माना लिखूँगा।

बादलों के साथ साथ

कभी बादलों की ओट से

खेले तू हम सब के साथ

मैं इसे याराना लिखूँगा।

अमिता गुप्ता मगोत्रा

10 Likes

Hey, welcome to Yoalfaaz @Amita_Magotra
Keep writing and sharing

2 Likes

Welcome to YoAlfaaz mam, super happy to see you here :slight_smile:

2 Likes

Hey, good to read. :heart:
Welcome to YoAlfaaz. :heavy_heart_exclamation:

3 Likes

:two_hearts::two_hearts::two_hearts::two_hearts::two_hearts:

3 Likes

Wah!!:ok_hand::ok_hand::ok_hand:

hey… welcome to YoAlfaaz family. Keep writing :+1::blush:

1 Like