हुश्न की तारीफ

तेरी जो शायरी है,
चलती मुझपे जैसे आरी है,

तेरी आँखों मे क्या कारीगरी है,
जिसकी दीवानी सारी नगरी है,

होठ तेरे गुलाबी जैसे सरबत है,
देख तुजे हसरते सारी बनी जैसे पर्वत है।

#नादान

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You Came Through!

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