मेरा पतझड़


मेरी खुशियों को वो सूखे पत्तों की तरह उड़ा के ले गया
मैं कैसे कहूँ उसे पिया बसंती?
वो सुखा बन के आया था और मुझसे मेरा पतझड़ भी ले गया

5 Likes

very well finished

1 Like

Thank you

1 Like