सुबह पूछती है

सुबह पूछ रही है पता मेरे रात की
कहो, क्या बताऊँ मैं कहानी उसे अपने आत्मघात की,

वर्षों हुए, जब हमने उनसे दिल की बात की
रात से सहर, फिर सहर से रात की,

प्यार से पहले पूछते हैं सब नाम, जात की
कदर अब रही नहीं दिल के जज्बात की।।

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:heart:

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beautiful

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