बातें जिंदगी की

ये धूप-छाँव की बातें, दरख़्त तक ही सीमित नहीं है
सब मुसाफ़िर है जिंदगी की राहों में,
कोई भी किसी का ताउम्र मीत नहीं है।।

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are wah… bohot khoob…
would also like if you get sometime to read other’s posts and motivate them to write just as good as you do :wink:

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