नफ़्स-ए-इश्क़ ....❤।

यह दुनिया मुनाफ़िक़ों का अज़ीम कारख़ाना है ।
इनसे मत डर ,अब लबों को आज़ाद कर ,
हद में रहने दे उन्हें,तुझे तो हद से गुज़र जाना है ।
यह कफ़स तो एक बहाना है ,
असल में नफ़्स को मनाना है ।
आख़िर जीने में कंजूसी कैसी ,
एक ही तो ज़िन्दगी है ,एक रोज़ मर जाना है ।

  • शाहीर रफ़ी
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bahut khoob dost @Shaheer_Rafi

ye bilkul sahi baat hai, zindagi ko aise jiyo jaise har pal aakhri ho. Khul kar

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Clap clap and clapsssssssss

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