मैं और तुम

मैं घंटी उन मंदिरों की…
तुम हो बनारस की अस्सी घाट प्रिये,

मैं हूँ उन मालाओं की सौ मोती…
तुम हो आखिरी आठ प्रिये,

मैं भोरकाल की वो शंखनाद…
तुम हो आशीष संवाद प्रिये,

मैं हूँ माटी गंगा की…
तुम हो शुद्धिकरण का आब प्रिये।।

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@Rupa_dey this is amazing yaar
Gazab ka post hai
I personally love a lot hindi
And this post is really a lot for for
Keep going like this, and good luck for you future :slightly_smiling_face:

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Awesome…keep going…

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