पिता एक तोहफा

नौ महीने कोख में न रख कर जिंदगी भर दिल में रखने का फैसला पिता लेता है,
जिम्मेदारियों कें बोझ तले खुद दब कर खुशियाँ देने का फैसला पिता लेता है,
खुद भूखे पेट सो कर पेट भर हमें खाना खिला कर चैन कि नींद सुलाने का फैसला पिता लेता है,
और बस ये ही नही अपनी जिंदगी कि हर सांस को गिरवी रख हमें हर खुशियाँ खरीदने का फैसला पिता लेता है॥

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Well penned!!

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Thank-you so much

Awesome @ElleG :ok_hand::ok_hand::ok_hand:

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Tqsm :pray:

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One of the best posts… I loved reading it.

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Tqsm ma’am