मैं और वो

मैं एक मिसरा लिखती हूँ,
वो पूरी गज़ल बन कागज़ में उतर जाता है;

मैं बस अपनी जुल्फें झटकती हूँ,
वो पूरी सोलह श्रृंगार बन मुझे सँवार जाता है।।

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Such a bold, love image wow

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kya khoob utara lafzo ko kaagaz pe
duniya dekh use, unki mureed ho gyi

nice post @Rupa_dey :ok_hand::ok_hand::ok_hand:

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