वोट करो

उठो हिन्द के शेर जगो,
जीवन अपना प्रमाण लिखो,
मिथ्यावादी को तुम बदलो,
जनता शासन को अपना तुम वोट दो।

राजनैतिक इन गलियारों में,
बंद करो इन लबड़-धोंधो को,
मत पनपने दो कुटिल पौधों को,
झरझराता के इस शासन को,
अब न तुम स्वीकार करो,
नित्य ही सत्य को तुम वोट करो।

डरकर न तोड़ो अपनी अभिलाषा को,
न बदलो तुम भारती की परिभाषा को,
अपने हक की मांग तुम झकझोर दो,
न शोर करो न वार करो बस तुम वोट करो।

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आज का हथीयार भी और अधीकार भी- वोट!
:pray:t2::+1:t2:

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That’s really good though

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Aadhar

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bahut khoob mere dost @Ram.k.choudhary
kya umda post likha hai tumne
also
welcome to YoAlfaaz platform
keep writing and sharing

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