तन्हा - तन्हा

अब तो तन्हाई भी मेरे करीब सी लगती है,
मिलती है ऐसे मेरी नशीब सी लगती है…।।

कुछ पल हम जब गुजर लेते है साथ में,
मेरे तन्हा लम्हों की सहेली सी लगती है…।।

कुछ अजीब सा अब तो रिश्ता बंध गया है ऐसे,
जब वो न मिले तो जिंदगी पहेली सी लगती है…।।

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Beautiful

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Well penned dear… it’s lovely to read your poetry.:slightly_smiling_face:

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Thanks @axy

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Thanks

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