टुटने मत देना!

वो तो उठा , और चला गया!
फिर दर्द मेने उसके हिस्से का भी सहा…
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तब से मेने रखी उसकी जगह!!
वक्त बीता,
और बेंच का वो सिरा खाली ही रहा…
\——___
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“चाहे कितनी आसानी से ही रीश्ता जुडा हो!!
पर किसी भी तरह से…
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आसानी से टुटने मत देना!

-axy

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bohot khoob likha hai… bohot khoob… :clap:

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Beautifully expressed advice on relations

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Thank you @thegurjyot @navjyotsingh.rajput

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amazing interesting post friend :slightly_smiling_face:
bahut khoob

bohot hard, bohot hard