लकीरे♥

तुझे चाहने की है मुझे इजाजत नही ;
तू है मेरी इबादत नई।
तेरी बाहों में है जन्नत मेरी ;
तू ही है अब मन्नत मेरी।
तुझे देखकर अब इस दिल को मिलती राहत कही
पर शायद मेरी हाथों की लकीरों में ही तू नहीं।

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Wah wah

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amazing interesting post friend :slightly_smiling_face: