नया दौर

दौर काग़ज़ी था, देर तक ख़तों में जज़्बात महफ़ूज़ रहते थे,

मशीनी दौर है, ऊँगली से मिटा दी जाती हैं उम्र भर की यादें।।

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Good satire

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amazing interesting post friend :slightly_smiling_face:

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