याद आते होंगे ना

तुझे भी कसमें-वादे, याद आते होंगे ना.
तेरी भी आँखो में, अश्क झिलमिलाते होंगे ना.

पूछ पूछकर लोग, मुझे बीमार करते हैं,
तुझे भी तो पूछकर, दिल दुखाते होंगे ना.

कल तक ना थी, जिन्हें हसने की अदब,
देख मुझे मायूस, वो खिलखिलाते होंगे ना.

करता होगा कोई, घर के नीचे इंतजार,
सोच कर तेरे पाव, छत पे ले जाते होंगे ना.

मेरी गली से खुशियाँ गुज़रती नहीं, आज कल,
तेरे तो आँगन में, दिये जलाते होंगे ना.

तेरे सिवा अब मेरा, कोई हम-नफस नही.
तुझे तो तेरे दोस्त, घर बुलाते होंगे ना.

टूट जाती हैं कश्तीयाँ, जिनकी वक़्त के बाद,
कुछ जोड़ कर उसे, फिर चलाते होंगे ना.

और जो पाकर भी, खो देते हैं मोहब्बत,
वो तो जीते जी ही, मर जाते होंगे ना.

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Bahut khoob dost
@Pratik_Lokhande is Baar to post bahut hi mazedaar hai
Or last me jo lines hai

Ye to ultimate hi hai

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Shukriya Ravi bhai. Bas koshish kar raha hun achha likhne ki. Thanks again.

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Aisi kosise karte raho dost :wink::wink::wink:

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Sure thing. :pray:

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This is so good.

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@Pratik_Lokhande very nicely written, you hv put your heart in it…:+1:

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Thanks bhai

amazing Bahut khubsurati se express kiya apne.

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Boht khoob… keep writing

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Thanks Sarita ji.

Thanks Saba ji.

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Ur welcome sir

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