Today’s challenge///आज का चैलेंज///Write about the Picture

Today’s challenge / आज का चैलेंज

Write your original lines with what comes to your mind looking at this beautiful picture given above. :slightly_smiling_face:

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Per person, only one reply is allowed. This challenge will end at midnight today.

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Keep writing. :writing_hand:

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तेरी खूबसूरती पर मेरा मन कुछ डोल रहा है ,
तू जा तो रही है , पर मेरा मन तुझे खोज रहा है ।
ये समुंदर भी तेरे बिना सुनसान है ,
तेरी लालिमा से ही तो इसकी पहचान है ।

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आसमान में छाई है लाली…
जैसे गालों को छू रही तुम्हारी बाली ।
नदी का पानी है जरा ठहरा…
जैसे लगाती हो तुम आखों पर काजल का पहरा।
सुरज ऐसे है चमक रहा …
जैसे तुम्हारा बदन हो दमक रहा ।
चंचल लहरें धरती को छू रही …
जैसे मेरे आगोश में तुम खो रही।
मनोहर दृश्य लग रहा है ऐसे …
प्यार का आगाज़ हो जैसे।
-maithilbala

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Ye dhalta hua suraj kuch yu jhilmila raha h,
Ki roshni ke baad apne dhalte andhere ki khabar phucha rha h,
Ye samundar kuch yu meri taraf leher kr aa rha h,
Ki aate hue shor ni jaate sanate ki khabar phucha rha h…
~anjali @Nagma_lafzo_ka

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Kuch isi samandar ki tarah tumhara intazar kiya hai,
par tum kabhi uss suraj ki tarah laute hi nahi…

Kuch inhi lehron ki tarah basr baar koshishen ki hai,
par tum kabhi mera keenara bane hi nahi…

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