"नग्मा-ए-स्याह ...।" ( The song of Darkness )

मेरे आंसू जो करते थे, सना तेरी ,
एक ही पल में बेवफ़ा हो गए ।
जिनको समझा था ,हमनें अपना रफ़ीक ,
देखते ही देखते वह जुदा हो गए ।

रिश्तों की तल्खियाँ ,तब इतनी बढ़ी ,
बेसबब वह हमसे खफ़ा हो गए ।
हम थे कब अफ़सुर्दगी के तालिब,
इत्तेफाक ही था, के उनपे फ़िदा हो गए ।

अहद किया था ,तुमने वफ़ाई का ,
अपने हर्फ़ों से कैसे बेवफ़ा हो गए ।
बुलंदी से सिफर को आगए हो तुम ,
स्याह-ए-तकब्बुर में ग़ुमराह हो गए ।

जुम्बिश-ए-लब ने किया काम कुछ ऐसा,
ख़ामख़ा गुनाहों में मुब्तिला हो गए ।
नग्मा-ए-स्याह अब लिख रहा हूँ ,
नामा-ए-आमाल भी सियाह हो गए ।

                        - शाहीर रफ़ी 

Word meanings :

रफ़ीक़ - friend/companion/partner.
तल्खियाँ - bitterness
बेसबब - अकारण/बिना कारण जाने ।
अफ़सुर्दगी - उदासीनता,melancholy.
तालिब - इक्छुक ,passionate.
अहद - वादा,दृढ़ निश्चय ,promise.
हर्फ़ - शब्द,words.
सिफर - शुन्य अवस्था (nothingness)
स्याह-ए-तक्कबुर - the darkness of arrogancy.
जुम्बिश-ए-लब - movement of the lips.
मुब्तिला - ग्रस्त,फंसा हुआ ,fixated,involved.
नग्मा-ए-स्याह - the song of darkness.
नामा-ए-आमाल-book of deeds,आमाल - अच्छे और बुरे काम।
सियाह - काला ,dark.

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