The breakup vibes!

रुक जा!
और सोच ले एक बार,
ये तुझे इश्क़ हुआ है,
या प्यार?
सुना है तू
आजकल हँसता बहुत है,
कोई तेरी आँखों को
जचता बहुत है।
तू अपनी ही दलीलों से
भटकने लगा है,
तेरा ये दिल जो उसके लिए
धड़कने लगा है।
थोड़ा रुक जा!
और कर खुद से ये सवाल,
ये इश्क़ का असर है,
या प्यार का बुखार?
तू थम सा जाता है,
उससे रूबरू होकर,
कुछ वो भी खोई सी
दिखाई देती है।
महफ़िलो में तुम्हारे
सरेआम मिलने से,
ये नजदीकियां बढ़ती
सुनाई देती है।
ये नज़रो का सफर
बढ़ाने लगा है,
इश्क़ पर प्यार का नाश
चढ़ाने लगा है।
तेरी उंगलिया उसकी जुल्फों में
अटकने लगी है,
ये बात उसकी सहेलियों को
खटकने लगी है।
माना वो मासूम है
और प्यारी बहुत है,
पर तेरी भी तो लोगो से
यारी बहुत है।
कुछ बाते दरमियां ही
अच्छी लगती है,
इश्क़ हो या प्यार
कुछ बाते राज़ रहे
तभी सच्ची लगती है।
कुछ साज़िशें हुई,
हुई कुछ गलत-फ़हमिया,
वो नाराज़ किया हुई
तूने मुँह ही फेर लिया।
चार पेग के बाद
उसकी याद तो आएगी,
ये ईगो भी पीके देख!
सेल्फ-रेस्पेक्ट के नारे
वो कहा तक लगाएगी।
वादे झूठे ही सही पर
याद तो है,
इश्क़ न ही सही मगर
प्यार तो है।
अब तसली न दे
इस दिल को
‘ये सच्चे प्यार की
झूठी गवाहियाँ देकर’,
अब इस के पास भी
दिमाग होता है।
उसे बेवफा कहना
तो तौहीन है तेरी,
ये मंज़र ही खुद में
ही मिसाल होता है।
ये राहे ही ऐसी
जो भटका वो पहुँचा,
ये राहे ही ऐसी
जो भटका वो पहुँचा,
यहाँ सबका अपना
जवाब होता हैं।
©Ashi Gupta

2 Likes