Sirf hum hai

अये खुदा किस हक से मांगे हम की तू दुनिया आबाद रखना,

जब की उसकी बर्बादी का कारण ही हम है,

किस हक से मांगे हम की पर्यावरण सुरक्षित रखना,

जब की उस पर्यावरण को दूषित करने वाले ही हम है,

किस हक से मांगे की इस महामारी को दूर कर,

जब की इस महामारी को फैलाने वाले ही हम है,

किस हक से कहें कि नारी को अपनी इज्जत खोने से बचना,

जब की उसको बेज़ात करने वाले ही हम,

किस हक से मांगे की आतंक का नामोनिशा मिटा दे,

जब की इस आतंक को फैलाने वाले ही हम है,

किस हक से मांगे की जातीवाद मिटा देना,

जब की उसे बढावा देने वाले ही हम है,

हां खुदा अब तू ही केह किस हक से मांगे तुझसे खुशियां,

जब की हमारे दुखों का कारण ही हम है सिर्फ और सिर्फ हम है।

~anjali @Nagma_lafzo_ka

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