Serious note ( devil inside me )

बर्फ मुझपे गिरके बन जाती हैं भाँप ।
हादसे होते रहते जैसे कोई श्राप ।
फिर भी मुझे मेहफूज़ रखता मेरे बुज़ोर्गो कि दुआ का साथ।

मुक्करदर से लड़ लड़ के मेने कमाई हैं ।
मोहब्बत और नफ़रत बराबर की पाई हैं ।
गर किसी को बुरा लगता हूँ तो उसमें क्या बुराई हैं ।
हर बात एक के लिए सही तो दूसरे के लिए ग़लत मेने भी पाई हैं ।

अंदर हैं ज्वालामुखी बाहर दिखाता हुँ श्वेत।
मेरी रक्तचापो में बहता हैं धवेश ।

मेरी बागों में आम ।
मेरी जेबो में बादाम ।
काम पसंदों में एक पसंद हैं मेरी ।
ना पसंद हैं मुझे हद से ज़्यादा आराम ।

मेरा काम ही मेरी पहचान बनाता हैं ।
आपके और मेरे रिश्ते को अटूट बनाता हैं

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Your posts are really interesting and awesome
Plus hindi ka istemaal mujhe inme or jyada kheechta hai
Good luck for your future dost

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bohot behatareen tarike se likha hai…:clap::clap::+1:

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@Ravi_Vashisth shukriya bhaisaab… Jo log apni baate bol nhi paate hah …Wo likhte bht accha h …

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Thanks dear…

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Wowooww अद्भुत

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Well penned… Really nice composition.

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True, i agree :slightly_smiling_face:

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Thank you…:heart_eyes:

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You’re most welcome

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