Saadgi!

साथ तेरा सादगी स क्या मिला,
जीवन मेरा एक फूल स है खिला,
कलियों में एक सादगी है ,
उस सादगी से मुझे तेरी हर कस्ती से प्यार है मिला,
रोज़ आती हो , एक तुम सवाल हो,
बहती हुई नदी का किनारा मैं हूँ,
और तुम उड़ता हुआ एक ख़्वाब हो,

कश्मकश का तुम हिसाब हो,
मैं कलम हूँ और तुम मेरी किताब हो,

क्या लिखा है आज मैने , तुम उस लिखावट का
रचा हुआ इतिहास हो,

तुम सादगी का जीता जागता एक शबाब हो,
प्यार की कसौटी एक रेखा है मेरे जीवन में,
जीवन प्यार से भरा है तेरे लिए ,
सादगी भी क्या खूब आयी है मेरे चेहरे पर , तेरे इंतज़ार में …

अब कुछ बातें बाकी सी रखी हैं मैने तेरे प्यार के इज़हार में,
की मैं हवा हूँ और तुम
तूफानेहमदम मेरे इन्तेज़ार में,

गुलाबो की खुशबू फैल रही हर जगह ,
स्वाद तेरी सादगी का घुल रहा है
हर जगह ,
की काटें भी कम चुभते हैं अब तेरी याद में ।

Jupiter shayarana

2 Likes