पहली मुलाकात और मोहबत का सफर - - part 2

मुलाकातों का अहसास गहरा होने लगा जब मुलाकाते मोहबत में घुलने लगी…

मोहबत का साज़ निराला है…

जहा दिल को कुछ भाने लगता है…ये वही अपना घर बना लेता है…

मुलाकातों के इस सिलसिले में दो दिल मिलने लगे…

परिणाम स्वरुप दो दिल एक कहानी बन गए…

सिर्फ बाते नहीं, लवज नहीं, मोहबत नहीं…

वो अपना सब कुछ एक दूसरे पर कुर्बान करने लगे…

मोहबत कुछ इस कदर गहरी हुई

की जब जब दोनों पास होते जमीं-आसमान का अहसास भूल जाते है

और एक दूसरे में डूब कर मोहबत की इनायत करते है…

प्यार भरे लम्हे की इबादत करते है

क्युकी ये लम्हा सिर्फ सच्चे साथियो को नसीब होता है…

ये मुलाकात का काफिला मोहबत के रिश्ते से जुड़ गया…

-Wordsbyritti

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Magnificent

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Thank uhhh!!! :smile: